एक रसोई, सैकड़ों स्कूलों की थाली
बावड़िया कलाँ की अक्षय पात्र रसोई में बड़ी देगों और रोटी बनाने की मशीनों से भोजन तैयार होता है। फिर उसे स्कूलों तक पहुँचाने का काम शुरू होता है।

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बावड़िया कलाँ की अक्षय पात्र रसोई में बड़ी देगों और रोटी बनाने की मशीनों से भोजन तैयार होता है। फिर उसे स्कूलों तक पहुँचाने का काम शुरू होता है।

सीआईएई के प्रौद्योगिकी पार्क में चने का छोटा साइलो और प्याज का हवादार भंडार है। मिलेट प्रसंस्करण केंद्र में सफाई से आटा बनाने तक की मशीनें मिलती हैं।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि वितरण केंद्र से दुकान और दुकान से उपभोक्ता तक की जानकारी पंजीकृत मोबाइल पर दी जा रही है।

विभागीय समीक्षा में 107 छात्रावासों में मेस शुरू करने की तैयारी बताई गई। आयुक्त ने इनमें 86 रसोइयों का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी।

सीआईएई ने मिलेट से 23 खाद्य उत्पाद तैयार किए हैं। इनमें गुड़ वाले बिस्कुट, तैयार खाद्य मिश्रण और तुरंत पकने वाले दलिये का व्यावसायीकरण हुआ है।

सीआईएई के 21 दिन के प्रशिक्षण में दस राज्यों के 19 प्रतिभागी शामिल हुए। सत्रों में उपज की स्वचालित छँटाई और सेंसर का इस्तेमाल सिखाया गया।

केंद्रीय भंडारण निगम के 215 गोदामों में नई प्रणाली लागू हुई। खाद्य निगम के 150 और गोदामों में इसे लगाने का काम चल रहा था।

भोपाल के सीआईएई और भारतीय पैकेजिंग संस्थान ने वैज्ञानिकों व उद्योग प्रतिनिधियों को साथ बुलाया। चर्चा में ताजगी संकेतक और जैव-अवक्रमणीय सामग्री प्रमुख विषय रहे।

मध्यप्रदेश की चार उपज — सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर और छत्रिय धान — को भौगोलिक संकेतक मिला। सिताही कुटकी की बात डिंडोरी के बैगा और गोंड किसानों से खुलती है।

रबी विपणन वर्ष 2026-27 की गेहूं खरीदी के बाद कमी सामने आई। सागर में करीब 49 हजार किसानों से लगभग 36 लाख 20 हजार क्विंटल खरीद दर्ज है। पूर्ति जिला उपार्जन समिति से करनी है।
