भोपाल के सीआईएई और भारतीय पैकेजिंग संस्थान ने वैज्ञानिकों व उद्योग प्रतिनिधियों को साथ बुलाया। चर्चा में ताजगी संकेतक और जैव-अवक्रमणीय सामग्री प्रमुख विषय रहे।
मध्यप्रदेश की चार उपज — सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर और छत्रिय धान — को भौगोलिक संकेतक मिला। सिताही कुटकी की बात डिंडोरी के बैगा और गोंड किसानों से खुलती है।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 की गेहूं खरीदी के बाद कमी सामने आई। सागर में करीब 49 हजार किसानों से लगभग 36 लाख 20 हजार क्विंटल खरीद दर्ज है। पूर्ति जिला उपार्जन समिति से करनी है।